Mcleodganj Me Ghumne Ki Jagah Jaaniye


Mcleodganj Me Ghumne Ki Jagah Jaaniye

Hello Friends| आज हम आपको एक ऐसी जगह की सैर पर ले चलेंगे जहां जाना किसी सपने से कम नहीं है| अगर आपको travelling का शौक है और आप कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं तो ये article आपके लिए ही है| आज हम आपको सैर करवाएंगे Mcleodganj की|

आज के इस article में हम आपको Mcleodganj Weather, Mcleodganj Hotels, Mcleodganj Places To Visit सब के बारे में बताएंगे| इसके अलावा हम आपको Places To Visit In Dharamshala के बारे में भी detail में जानकारी देंगे| हमारे साथ Mcleodganj की सैर करके आपको बहुत मजा आने वाला है| Lets Start The Journey.

Table of Contents

कहाँ है Mcleodganj?

मित्रों, Mcleodganj एक ऐसी जगह है जो Trackers के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है| ये एक हिल स्टेशन है जो हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से महज़ 12 kilometer की दूरी पर स्थित है|

मैक्लोडगंज के विभिन्न नाम

दोस्तों, Mcleodganj को मैक्लोडगंज, मैक्लॉड गंज तथा मकलोड गंज भी लिखा जाता है| Mcleodganj को ही छोटा ल्हासा भी कहते हैं| कुछ लोग इसे धर्मशाला और ल्हासा का मिश्रित नाम धासा के रूप में भी जानते हैं| यह हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला का एक उपनगर है|

Mcleodganj में धर्म

Mcleodganj में आपको अधिकतर बौद्ध धर्म के अनुयायी मिलेंगे| इसके साथ ही आपको यहां पर  ब्रिटिशर्स का बसेरा भी आपको देखने को मिलेगा।

Mcleodganj का नाम की वजह

कहते हैं, सर डोनाल्ड फ्रील मैक्लॉड के नाम पर ही इस जगह का ये नाम पड़ा है जो कि ब्रिटिश शासन काल में पंजाब के लेफ्टिनेंट गवर्नर थे| हालांकि कुछ लोग ये भी मानते हैं की इस स्थान का नाम डेविड मैकलॉड के नाम पर रखा गया था| मैक्लोडगंज नाम में गंज शब्द का अर्थ है पड़ोस|

Mcleodganj की समुद्रतल से ऊंचाई?

2082 Meter यानी 6831 फीट

क्यों मशहूर है Mcleodganj?

ये स्थान दलाई लामा का निवास स्थान होने के कारण मशहूर है|

किस पर्वत श्रेणी में स्थित है Mcleodganj?

यह धौलाधार पर्वत श्रेणी में स्थित है|

हिमाचल प्रदेश के किस जिले में स्थित है Mcleodganj?

यह हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित है|

धौलाधार का उच्चतम शिखर कौन सा है?

हनुमान का टिब्बा धौलाधार का सबसे उच्चतम शिखर है| इसकी ऊंचाई 5636 मीटर है| यानी की लगभग 18500 फीट|

आइए अब Mcleodganj के इतिहास पर भी एक नजर डाल लेते हैं|

Mcleodganj का इतिहास

Friends, ये बात है 1885 की| उस समय भारत में ब्रिटिश शासन काल हुआ करता था| उस समय हिमालय की पश्चिमी सीमा के नजदीक ही धौलधारों में बहुत सी बस्तियां बनाई गई थीं| जब 1849 में 2nd एंग्लो-सिख युद्ध चल रहा था तब अंग्रेजों ने कांगड़ा को ही अपनी जगह बनाना ही ठीक समझा था| ऐसा माना जाता है की यह शहर 1905 में आए भूकंप के बाद नष्ट हो गया था| Mcleodganj को पुनर्जीवित किया था दलाईलामा ने|

Mcleodganj में कब चुनी गई तिब्बत की निर्वासित सरकार?

28 अप्रैल 1959 को यहां तिब्बत की निर्वासित सरकार की स्थापना की गई थी|

Mcleodganj को स्थाई निवास क्यों चुना दलाई लामा ने?

1959 में तेंजिन ग्यात्सो जो की तिब्बत के 14 वें दलाई लामा थे, उन्होंने चीन की communist सरकार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण आंदोलन किया था| इस आंदोलन में जब वो सफल नहीं हो पाए तब उन्हें मजबूरन तिब्बत को छोड़कर भारत की शरण में आना पड़ा|

आपको बता दें, 1960 में मैक्लोडगंज को तिब्बत की निर्वासित सरकार की राजधानी मान लिया गया था| इसके बाद से ही Mcleodganj दलाई लामा का स्थाई निवास स्थान बन गया| साथ ही उनके साथ आए हजारों बौद्ध धर्म के अनुयायियों का घर भी बन गया था|

Mcleodganj की दिल्ली से दूरी?

Mcleodganj की दिल्ली से दूरी है करीब 500 kilometer

दिल्ली से Mcleodganj पहुंचने में समय?

अगर आपको दिल्ली से मैक्लोडगंज पहुंचना है तो आपको कम से कम 10 से 11 घंटे का समय लगेगा|

यहां घूमें Mcleodganj में

देवदार के पेड़ों से घिरी डल झील

Dal Jheel

साथियों| सबसे पहले हमारी यात्रा शुरू होती है ऊँचे-ऊँचे देवदार के पेड़ों से घिरी अति सुन्दर डल झील से| ये झील हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में  मक्लोड गंज से दो किलोमीटर आगे व नड्डी गांव से एक किलोमीटर पहले स्थित है| इस झील की सुंदरता देखते ही बनती है| यह स्थान बहुत ही शांत है| यहां पर आप प्रकृति के खूबसूरत नज़ारे को देखकर आनंदित हो जाएंगे| यहां का मौसम पूरा साल सुहाना रहता है| आप किसी भी मौसम में यहां आकर यहां के नजारों का लुत्फ़ उठा सकते हैं| वैसे यहां आने का सही समय may से October तक का है|

साथ ही अगर आपको बर्फबारी का नजारा भी देखना है तो आप यहां पर जनवरी के महीने में आएं| इस झील के साथ साथ कुछ मंदिर भी हैं| इनमें प्रमुख मंदिर हैं माता दुर्गा कुंड, दुरवेश्वर महादेव एवं माता चिंतपूर्णी का मंदिर| इस झील के चारों तरफ लोगों के पैदल टहलने के लिए रास्ता भी बनाया हुआ है| 

इस रास्ते के जरिए आप डल झील का हर तरफ से view देख सकते हैं| डल झील में एक मेला लगता है| 

कहते हैं की इस दौरान यहां जो भी स्नान करता है उसे पवित्र मणिमहेश झील में स्नान करने के बराबर ही पुण्य की प्राप्ति होती है| जो यात्री मणिमेष की यात्रा नहीं कर सकते हैं वह यहां पर स्नान करके पुण्य कमा सकते हैं| यहां स्नान करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं|

आपको बता दें, पिछले कुछ सालों से इस झील का पानी आश्चर्यजनक तरीके से कम हो रहा है| यह झील लगभग सूखने की कगार पर है| 

समुद्र तल से डल झील की ऊंचाई 1775 मीटर यानी की लगभग 5823 फीट है| तोता रानी गांव में स्थित डल झील की दूरी धर्मशाला से 15 किलोमीटर, चंडीगढ़ से 252 किलोमीटर, पठानकोट से 95 kilometer, शिमला से 247 kilometer और दिल्ली से 487 किलोमीटर है| 

झील के साथ साथ पर्यटकों के बैठने का भी इंतजाम यहां किया हुआ है| डल झील करीब एक हेक्टेयर यानी 10000 वर्ग मीटर में फ़ैली हुई है| 

डल झील के नजदीक ही शिव भगवान का प्राचीन मंदिर भी है| ऐसा माना जाता है की ये मंदिर 200 वर्ष पुराना है| पौराणिक मान्यता के अनुसार यहीं पर ऋषि दुर्वासा ने शिव जी की उपासना की थी| डल झील से नड्डी गांव तक ट्रैकिंग करना आपको रोमांच से भर देगा|

कितने बजे तक खुली रहती है झील?

दोस्तों ये झील सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक खुली रहती है|

कितनी टिकट है डल झील की

यहां आपको कोई entry fees नहीं देनी पड़ेगी|

त्रिउंड

Triund

दोस्तों, आइए अब हम आपको त्रिउंड की चोटी पर लेकर चलते हैं| ये एक ऐसी जगह है जिसे स्वर्ग भी कहा जाता है| जी हाँ दोस्तों, त्रिउंड की यात्रा एक रोमांचक यात्रा तो है ही| साथ ही साथ ये यात्रा दिल के साथ आपके दिमाग को भी शांति देगी|

मक्लोडगंज से त्रिउंड की दूरी है लगभग 9 किलोमीटर है| समुद्र तल से इसकी ऊंचाई है लगभग 2828 मीटर यानी 9278 फ़ीट| त्रिउंड track को पूरा करने के लिए आम इंसान को पांच से छे घंटे भी लग सकते हैं|

वहीं एक professional tracker को 2 घंटे से ज्यादा का समय नहीं लगेगा| ये जगह ट्रैकिंग और camping के लिए सबसे प्रसिद्ध जगहों में से एक है| यहां आप दो तरह से जा सकते हैं| पहला तो ये की आप मैक्लोडगंज से पैदल जा सकते हैं| या फिर आप गुल्लू का मंदिर नाम से एक जगह पड़ती है वहां से taxi ले सकते हैं| टैक्सी का किराया होता है 400 से 500 रुपए| ये किराया season के हिसाब से घटता बढ़ता रहता है| 

उसके बाद यहां से लगभग पांच किलोमीटर का पैदल ट्रैक करना होता है| ट्रैक पर जाने से पहले यहां आपको entry भी करनी होती है| इसके लिए आपके पास कोई भी ID Proof होना जरूरी है| त्रिउंड ट्रैक को हिमालय के सबसे आसान ट्रैक में से एक माना जाता है|

कहां ठहरें त्रिउंड में?

यहां पर Forest department के कई सारे guest house भी हैं जिसमें आप रुक सकते हैं| आपको यहां पर हर प्रकार की सुविधा मिलेगी| साथ ही इस जगह साफ़ सफाई का भी ध्यान रखा जाता है|

किस समय जाएं त्रिउंड?

दोस्तों, त्रिउंड जाने का सबसे अच्छा समय रहता है मार्च से लेकर दिसंबर का|

कब ना जाएं त्रिउंड?

आपको त्रिउंड के लिए मानसून में नहीं जाना चाहिए| क्यूंकी इस दौरान पूरा का पूरा रास्ता फिसलन भरा हो जाता है| ऐसे में अगर आप ट्रैकिंग करते हैं तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है| साथ ही जनवरी से फरवरी के मौसम में भी आपको बिलकुल भी ट्रैकिंग नहीं करनी चाहिए| इस समय पूरी वादी बर्फ से ढकी होती है|

त्रिउंड जाने से पहले ध्यान रखें ये बातें

दोस्तों, अगर आप त्रिउंड जाने की सोच रहे हैं तो कुछ बातों का आपको ख़ास तौर पर ख़याल रखना होगा|

अगर आप सर्दी के मौसम में त्रिउंड जाते हैं तो आपको गर्म कपड़े ले जाने होंगे अपने साथ|

रात के समय गर्मी के दिनों में यहां ठण्ड पड़ने लगती है|

गर्मी के मौसम में यहां कुछ वॉर्मर और छोटा बैग जरूर लेकर जाएं| ध्यान रहे की बैग हल्का ही हो, ज्यादा भारी नहीं होना चाहिए|

भागसूनाग waterfall

Bhagsunaag Waterfall

दोस्तों, आइए अब आपको लेकर चलते हैं भागसुनाग waterfall का खूबसूरत नजारा दिखाने| मैक्लोडगंज से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है ये waterfall| यहां आने वाले पर्यटकों के लिए ये आकर्षण का केंद्र है| यहां जाने के लिए आपको Mcleodganj के मुख्य बाजार में से होकर गुजरना पड़ेगा|

यहीं से ये रास्ता भागसुनाग waterfall की ओर जाता है| दरअसल, भागसुनाग एक गांव है| मैक्लोडगंज से आप भागसुनाग village तक आप अपने वाहन से या फिर ऑटो रिक्शा से भी जा सकते हैं| वैसे ज्यादातर लोग इस रास्ते को पैदल चलकर ही तय करते हैं|

हरे भरे देवदारों के बीच में से गुजरता ये रास्ता बहुत सुंदर है| Main बाजार से वॉटरफॉल की दूरी लगभग आधा किलोमीटर है| यहां तक जाने के लिए पक्का रास्ता बना हुआ है| यहां से आपको झरने तक पहुँचने में आधे घंटे का समय लगेगा| इस झरने का नाम यहां के राजा भाग्सू के नाम पर रखा गया था| अगर आप nature lover या photographer हैं तो ये जगह आपके लिए ड्रीम place की तरह है| इस रास्ते के एक तरफ ऊँचे-ऊँचे पहाड़ और दूसरी तरफ गहरी खाई है| इस पूरे रस्ते पर सीढ़ियां बनी हुई हैं| बीच-बीच में खाने पीने के लिए कुछ दुकानें भी हैं| रास्ते में विश्राम के लिए बेंच भी बने हुए हैं| यहां से झरने का दृश्य मनमोहक लगता है|

कब आएं waterfall देखने?

इस झरने की खूबसूरती मानसून के मौसम में और भी ज्यादा बढ़ जाती है| जुलाई और अगस्त के महीनों में ये झरना बहुत तेजी से बेहता है| इसकी हाइट 30 फ़ीट है और इसकी समुद्रतल से ऊंचाई करीब 2165 मीटर है| यानी करीब 7112 फ़ीट है|

भागसुनाग waterfall को भारत के 20 प्रमुख झरने में से एक माना जाता है| यहां आकर आपको एक अलग ही दुनिया में पहुंच जाने का एहसास होगा और आप तरोताजा महसूस करेंगे|

Mcleodganj Weather

चलिए अब बात कर लेते हैं Mcleodganj Weather की| बहुत से लोग सोचते हैं कि Mcleodganj Weather हमेशा ठंडा ही रहता होगा| लेकिन आपको बता दें Mcleodganj Weather हमेशा एक जैसा नहीं रहता है| ये थोड़े समय बाद बदल जाता है| कभी यहां गर्मी रहती है तो कभी सर्दी|

ऐसे पहुंचे मैक्लोडगंज

मैक्लोडगंज तक पहुँचने के लिए पठानकोट से दूरी 88 किलोमीटर है जिसे तय करने के लिए तीन घंटे का समय लगता है| अगर आप हवाई जहाज से यहां आना चाहते हैं तो इसके लिए nearest दूरी पर गग्गल का airport है जिसकी दूरी मैक्लोडगंज से 27 किलोमीटर है| यदि आप यहां पर ट्रेन से आना चाहें तो nearest railway station है कांगड़ा का जिसकी दूरी 28 किलोमीटर है|

Mcleodganj Hotels

Friends, हमने ये तो बता दिया की आप मैक्लोडगंज में कहाँ कहाँ घूम सकते हैं| लेकिन आप सारा दिन तो नहीं घूम सकते| आपको आराम भी चाहिए होगा| 

दोस्तों, जब भी हम कहीं घूमने जाते हैं तो एक ही ख्याल आता है की हम वहां पर रहेंगे कहाँ और क्या कोई hotel हमारे budget में फिट बैठेगा? अगर आप भी यही सोच रहे हैं तो आप बिलकुल सही जगह आए हैं| 

हम आपको ऐसे hotels बताने वाले हैं जो budget friendly, अच्छी जगह located हैं और साथ ही सभी तरह की सुविधाओं से लैस हैं| चलिए शुरू करते हैं|

Mountain World Residency

दोस्तों, हमारी लिस्ट में no. 1 पर है Mountain World Residency| यहां पर rooms आपको 500 रुपए में भी मिल जाएंगे| यहां दिन में 12 बजे का checkout टाइम रहेगा| रूम में आपको फ्री Wifi, buffet system तथा car parking के साथ साथ और भी कई सारी facilities मिलेंगी|

Jai House

अब बारी आती है एक और budget friendly hotel Jai House की| ये hotel भी तिब्बत world के पास है| यहां पर भी आपको 500 Rs से रूम मिलने start हो जाएंगे| इस hotel का checkout time है 12 बजे| यहां आपको अच्छा वातावरण मिलेगा| इस hotel में साफ़ सफाई का पूरा ध्यान रखा गया है| रूम में आपको फ्री wifi, kitchen, balcony जैसी और भी सुविधाएं मिलेंगी|

Oyo 29120

साथियों, ये hotel स्थित है Tibet World के पास| इस होटल में आपको ऐसे कमरे मिलेंगे जिनमें आप हमेशा से रहना चाहते होंगे| इस hotel का checkout टाइम है सुबह 11 बजे का| यहां आपको 600 रुपए में एक कमरा आसानी से मिल जाएगा|

Triund View Camps & Home Stay

दोस्तों, यहां पर आपको जो रूम मिलेगा उसकी कीमत है 650 रुपए| साथ ही सुबह 10 बजे का checkout टाइम रहेगा| यहां रूम में आपको free Wifi, night club तथा playground की सुविधा भी मिलेगी|

Himtrek Adventure Camp

तिब्बत वर्ल्ड के पास स्थित इस होटल में आपको 600 रुपए में एक कमरा मिल जाएगा| यहां पर आपको दोपहर 12 बजे checkout करना पड़ेगा| इस होटल से बहार का view बहुत ही खूबसूरत है| यहां आपको garden, free wifi, breakfast, lunch, dinner आदि सुविधाएं आपके budget में मिलेंगी|

Hotel Ekant Lodge

तिब्बत world के पास स्थित इस hotel में आपको 700 Rs में एक कमरा मिल जाएगा| यहां आपको सुबह 11 बजे checkout कर देना होगा|

Ram Yoga House

तिब्बत वर्ल्ड के पास बने इस होटल में आपको 750 रुपए में रूम मिल जाएगा| इसका check out time है सुबह 11 बजे| रूम में आपको फ्री Wifi, balcony, Hot sting bath, gaming room के साथ साथ और भी बहुत सी facilities मिलेंगी|

Hotel Moonwalk Residency

दोस्तों ये होटल तिब्बत world के पास है| यहां पर रूम start होता है 850 rs से| इस होटल में आपको दोपहर एक बजे checkout करना होता है|

Guru Kripa Hotel

Friends, ये होटल भी आपके budget में आएगा| ये होटल तिब्बत वर्ल्ड के पास है| यहां रूम start होता है 850 rs. से| इस होटल का checkout time है सुबह 11 बजे का|

Hotel Aakash

ये होटल तिब्बत वर्ल्ड के पास है| यहां रूम स्टार्ट होता है 900 रुपए से| Checkout टाइम है सुबह 11 बजे|

निष्कर्ष (Conclusion)

साथियों, आज हमने आपको बताया की Mcleodganj में आप क्या क्या देख सकते हैं| हमने इस बात की भी जानकारी दी की Mcleodganj में ऐसे कौन कौन से होटल हैं जहां पर आपको आपने budget के हिसाब से रूम मिल जाएंगे| हमने इस article के माध्यम से आपको सैर कराई मैक्लोडगंज में स्थित खूबसूरत जगहों की| सबसे पहले हम आपको लेकर चले डल झील| इसके बाद आपने सैर की त्रिउंड की| फिर हम आपको लेकर गए भागसू नाग waterfall दिखाने| 

आपको अगर हमारा आज का ये article Mcleodganj पसंद आया हो तो इसे अपने friends और relatives के साथ share करें| हम आपके लिए रोज़ ऐसी ही posts लाते रहेंगे और आपको अलग अलग जगहों की सैर घर बैठे ही करवाते रहेंगे|

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