7 Best Sikkim Tourist Places to Visit in All Seasons


Sikkim Tourist Places

हरी भरी वसुंधरा पे नीला नीला ये गगन|

के जिसपे बादलों की पालकी उड़ा रहा पवन||

दोस्तों, आज हमें ये गाना गुनगुनाने का इसलिए मन कर रहा है क्यूंकि आज हम आपको Sikkim Tourist Places की सैर करवाने वाले हैं| ये वो जगह है, जहां जाकर आप प्रकृति के सुन्दर नज़ारों को हमेशा के लिए अपने दिल के पिंजरे में कैद कर सकेंगे| यहाँ के लज़ीज़ पकवानों के तो कहने ही क्या| ओए होए, हमारे मुँह में तो अभी से पानी आने लगा|

हम जानते हैं आपका भी मन कर रहा होगा Sikkim Tourist Places में visit करने का तो चलिए शुरू करते हैं Sikkim की यात्रा|

सिक्किम शब्द का अर्थ

सिक्किम शब्द लिम्बू भाषा से ले लिया गया है| ये दो शब्दों से मिलकर बना है सु और खियम| सु का अर्थ है नवीन| खियम का अर्थ है महल या घर|

सिक्किम का तिब्बती भाषा में नाम

आपको बता दें, तिब्बती भाषा में सिक्किम को कहा जाता है चावल की घाटी|

सिक्किम का भूगोल

दोस्तों, सिक्किम की राजधानी है गंगटोक| क्षेत्रफल की अगर हम बात करें तो वो है करीब 7096 वर्ग किलोमीटर| यहाँ की जनसंख्या है लगभग 540493 के आस पास| यहाँ की साक्षरता है 82.2 प्रतिशत| यहाँ का जनसंख्या घनत्व है 86 प्रतिशत| आप यकीन नहीं करेंगे, सिक्किम में जिलों की संख्या है केवल चार|

उत्तर सिक्किम जिला  – मंगन

दक्षिण सिक्किम जिला – नाम्ची

पूर्व सिक्किम जिला – गान्तोक

पश्चिम सिक्किम जिला – गेजिंग

सिक्किम का राजकीय पशु – लाल पांडा

सिक्किम का राजकीय पक्षी – रक्त महूका

सिक्किम का राजकीय वृक्ष – रीडोडेंड्रॉन

सिक्किम का राजकीय फूल – नोबल आर्किड

गंगटोक की समुद्रतल से ऊंचाई करीब 1750 मीटर है

सिक्किम का nickname : गुफाओं का शहर, Land Of Monastery (Gangtok), फूलों की घाटी

सिक्किम tourism brand Ambassador : A R Rahman (Since 2018)

सिक्किम के पहले CM : काजी लेन्डुप दोरजी (Indian National Congress Party)

सिक्किम के वर्तमान CM : Prem Singh Tamang (Golay) (सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के नेता|)

सिक्किम के पहले गवर्नर : बी. लाल

सिक्किम  गवर्नर : Ganga Prasad (26 August 2018 से जो कि एक RSS नेता हैं|)

सिक्किम की राजधानी : गंगटोक (Thutob Namgyal ने इसे 1894 में सिक्किम की राजधानी घोषित किया था)

सिक्किम की सीमाएं : पूर्व में चीनी तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र, पश्चिम में नेपाल और दक्षिण पूर्व में भूटान से सिक्किम की सीमाएं लगती हैं|

सिक्किम की मुख्य नदियां : तीस्ता नदी तथा रंगेट नदी|

चलिए दोस्तों अब जान लेते हैं कि सिक्किम की भाषा क्या है? क्योंकि ऐसे बहुत से लोग हैं जो Sikkim Ki Bhasha के बारे में google बाबा से पूछते हैं| कुछ लोग Sikkim Language In Hindi लिखकर internet पर सिक्किम की भाषा क्या है ये जानने की कोशिश करते हैं| आज उन लोगों की भी तलाश ख़त्म हो जाएगी जो What Is Sikkim Famous For की जानकारी लेना चाहते हैं पर कहीं से उन्हें simple और सटीक जवाब नहीं मिल पाता है| आइए जानते हैं की सिक्किम की भाषा क्या है?

सिक्किम की भाषा क्या है?

दोस्तों, सिक्किम में मुख्य रूप से चार भाषाएं बोली जाती हैं जिनमें शामिल हैं लेपचा, भूटिया, हिंदी और नेपाली|

सिक्किम का इतिहास

Friends, जैसा की आप सब जानते हैं हर राज्य अपने अंदर एक इतिहास का पन्ना छुपाए रहता है| ऐसा ही कुछ सिक्किम के साथ भी है| शायद ही आप में से कोई इस बात को जानता हो की सिक्किम में बहुत समय पहले राजाओं का शासन हुआ करता था|

इतिहासकार मानते हैं कि सिक्किम का इतिहास करीब 350 साल पुराना है| अगर बात की जाए यहां के पहले शासक की तो उनका नाम था फुंसौंग नामग्याल| इन्हें तिब्बती बौद्ध लामाओं ने राजा घोषित किया था| हालांकि, कालांतर में नामग्याल राजवंश का शासन सिक्किम पर रहा जो भारत की आजादी तक कायम था| 

इतिहासकार बताते हैं की सन 1642 ईस्वी से ही सिक्किम में राजतंत्र कायम था| उस समय इसकी सीमाएं नेपाल, दार्जिलिंग और भूटान तक फैली हुई थीं| सन 1970 ईस्वी के दौरान जब सिक्किम में गृहयुद्ध छिड़ा, उसके बाद 1975 ईस्वी में सिक्किम भारत का 22वां राज्य बना| एक ख़ास बात जो बहुत ही कम लोग जानते हैं वो ये है की सिक्किम के भारत में विलय के लिए करीब 97 प्रतिशत लोगों ने अपनी रजामंदी दी|

सिक्किम की वेशभूषा

दोस्तों, यहां के भूटिया समुदाय के लोगों की वेशभूषा में जो सबसे प्रचलित है उसे कहते हैं खो| बहुत से लोग इस वेशभूषा को बाखू के नाम से भी जानते हैं| सिक्किम में नेपाल के लोग भी काफी संख्या में रहते हैं| इसलिए यहां आपको नेपाली वेशभूषा भी देखने को मिल जाएगी| शायद ही आपको मालूम हो, कि यहां का जो लेपचा समुदाय है, उसमें पुरुषों की वेशभूषा को थोकोरोदम कहा जाता है|

सिक्किम की संस्कृति

साथियों, किसी भी राज्य की संस्कृति उस राज्य में रहने वाले लोगों पर निर्भर करती है| जैसा की हमने आपको बताया कि सिक्किम में नेपाली, भूटिया और लेपचा समुदाय के लोग रहते हैं| इसी कारण यहां की संस्कृति मिली जुली है|

सिक्किम का लोक नृत्य

अगर बात की जाए यहां के लोक नृत्य की तो वो हैं सिंघाई छाम (Snow Lion Dance) और याक छाम, तमांग सेलो, मारुनी नाच, छू फाट नृत्य, सिकमारी, डेंजोंग नेनहा, ताशी यांगूक नृत्य, चुटकी नाच और खूखूरी नाच|

सिक्किम में मनाए जाने वाले त्योहार

सिक्किम में बौद्ध धर्म तथा हिन्दू धर्म के लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है| लेकिन फिर भी यहां पर हर समुदाय के लोग एक साथ मिलजुल कर रहते हैं| भारत के बाकी राज्यों की तरह ही सिक्किम में दशहरा, दिवाली, संक्रांति और राम नवमी बड़े ही धूम धाम से मनाई जाती है| इसके साथ ही यहां के लोग दिसंबर के महीने में तिब्बती नववर्ष भी हर्षोल्लास से मनाते हैं| अन्य त्योहारों में लोसर, साकेवा, सोनमलेचा और बराहीम जोग भी शामिल हैं|

सिक्किम का रहन सहन

सिक्किम के लोगों का रहन सहन बहुत ही निराला है| यहां के लोग शांति प्रिय हैं| भारत के कृषि प्रधान राज्यों में सिक्किम भी शामिल है| यहाँ के 64 प्रतिशत लोग खेती पर ही निर्भर रहते हैं| यहां पर लगभग एक लाख नौ हजार हेक्टेयर पर खेती की जा सकती है|

यदि आप गिलोय और शिलाजीत के फायदे जानना चाहते है तो ये आर्टिकल जरूर देखे- शिलाजीत के फायदे, गिलोय के फायदे

सिक्किम की प्रमुख फसलें

यहाँ की प्रमुख फसलों में गेहूं, मक्का, बड़ी इलाइची, चावल, आलू और संतरा का नाम आता है| बड़े पैमाने पर सिक्किम में इलाइची की खेती होती है इसलिए ये भारत का सबसे बड़ा इलाइची उत्पादक राज्य बन गया है|

सिक्किम के लोगों का खानपान

दोस्तों, एक रिपोर्ट के अनुसार सिक्किम में ज्यादातर लोग मांसाहारी हैं| यही कारण है की यहां के अधिकतर व्यंजन नॉन वेजिटेरियन ही हैं| लेकिन क्योंकि यहां के लोग अपनी सेहत को लेकर भी काफी जागरूक हैं इसलिए सिक्किम में आपको सब्जियों के मिश्रण से बनी बहुत सी dishes मिल जाएंगी| 

जब भी सिक्किम का जिक्र होता है तो हमारे दिमाग में सबसे पहले जिस व्यंजन की तस्वीर उभरती है वो है momos या फिर पकोड़ी की| लेकिन बहुत ही कम लोग ये बात जानते होंगे की सिक्किम के व्यंजन कितने ज्यादा समृद्ध और विविध हैं| momos और पकोड़ी के अलावा भी यहं बहुत कुछ मिलता है| यहं आपको स्थानीय खाने का जो स्वाद चखने को मिलेगा उसे आप कभी भूल नहीं पाएंगे| 

अगर आप कभी सिक्किम गए और अपने थुक्पा try नहीं क्या तो समझिए अपने बहुत बड़ी चीज़ mis कर दी| ये सिक्किम का पारम्परिक व्यंजन है| थुक्पा veg और non veg दोनों प्रकार से बनाया जाता है| जिन्हें मीट खाने का शौक है उनके लिए तो शाभले डिश किसी वरदान से कम नहीं है| 

शाभले एक प्रकार की रोटी होती है जिसमें मीट भरा जाता है और फिर अच्छे से पकाकर उसे परोसा जाता है| इस रोटी को पूड़ी की तरह तलकर तैयार कर लिया जाता है| यहाँ एक और डिश बहुत ही famous है जिसका नाम है टी मोमो| ये bread की तरह ही होता है|

अगर किसी को पार्टी करनी हो और long trip पर जाना हो तो सबसे पहले लोग सिक्किम आना ही पसंद करते हैं| केवल इसलिए नहीं की यहां की खूबसूरत वादियां उन्हें अपनी ओर खींचती हैं, बल्कि इसलिए भी क्योंकि सिक्किम अपनी पाक कलाओं के लिए भी दुनियाभर में जाना जाता है|

Friends, आज हम आपको Sikkim Tourist Places के बारे में बता रहे हैं| इसी में हम आपको Historical Places In Sikkim के बारे में भी बताएंगे| जिन लोगों को इतिहास में रुचि है वो लोग Historical Places In Sikkim के बारे में जरूर जानना चाहेंगे|

Sikkim Tourist Places के बारे में जानने से पहले हमने आपको सिक्किम राज्य की पूरी जानकारी देने की कोशिश की है| क्योंकि किसी भी राज्य में अगर आप घूमने जाएं तो वहां की पूरी जानकारी आपको होनी बेहद जरूरी है| चलिए अब आपको और इंतजार ना करवाते हुए Sikkim Tourist Places के बारे में बताते हैं| एक बार आप सिक्किम आ गए तो यहां से जाने का मन नहीं करेगा ये guarantee है| Lets start the journey|

7 Best Sikkim Tourist Places to visit in all seasons

1. सिक्किम आएं तो मंगन जरूर जाएं

Mangan

ऐसे लोग जिन्हें शांत वातावरण पसंद है और जो प्रकृति के हर नज़ारे को अपनी आंखों के कैमरे में कैद करना चाहते हैं, उनके लिए मंगन आना किसी वरदान से कम तो बिलकुल नहीं है| मंगन को देश के top पर्यटन स्थलों में शामिल किया गया है| 

हां, वैसे तो यहां बहुत सारे पर्यटन स्थल हैं लेकिन मंगन का शिंगबा रेडोडेंड्रोन century पर एक visit तो बनता है| ये एक विशेष प्रकार का पौधा होता है| मंगन में आपको करीब 40 प्रकार के रेडोडेंड्रोन पौधे देखने को मिल जाएंगे| यहां तक की आपको मंगन में विभिन्न प्रकार के पहाड़ी जानवर भी देखने को मिलेंगे| 

इसके अतिरिक्त, मंगन में एक सिंघिक गांव भी स्थित है जो की 500 फ़ीट से भी ज्यादा की ऊंचाई पर स्थित है| जब आप मंगन से लगभग 12 किलोमीटर दूर इस गांव में जाएंगे तो आप कंचनजंगा की पहाड़ियों की खूबसूरत छटा का नजारा ले सकते हैं|

2. गुरुडोंगमार झील :

Gurudongmaar Jheel

अब बारी आती है गुरुडोंगमार झील की| हिमालय पर्वत पर बसी सबसे ऊंची झीलों में से एक मानी जाने वाली इस झील की ऊंचाई जानकर आप यकीन नहीं करेंगे| ये झील सिक्किम के लाचेन शहर के पास स्थित है| इस झील को सिक्किम की सबसे पवित्र झीलों में से एक माना जाता है| इसकी ऊंचाई है करीब 5430 मीटर| 

आप हैरान हो जाएंगे ये जानकर की ये झील चीन की सीमा से महज़ पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है| यह झील कंचनजंगा पर्वतमाला के उत्तर पूर्व दिशा में मौजूद एक बहुत ही सुंदर झील है| इस झील का धार्मिक महत्व भी है जो आपको जानना चाहिए| 

इस झील की पवित्रता की कहानी दिलचस्प है| कहते हैं की जब गुरु पद्मसम्भवा तिब्बत की यात्रा करने निकले थे तो उन्होंने इसी झील पर ईश्वर की उपासना की थी| कुछ लोगों का ये भी मानना है की इसी झील का संबंध गुरु नानक देव जी से भी है| 

लोग ऐसा मानते हैं कि गुरु नानक देव जी ने भी यहीं पर ईश्वर की भक्ति में ध्यान लगाया था| इसी कारण इस झील को इतना पवित्र माना जाता है और गुरुडोंगमार नाम दिया गया है| आपको बता दें, इस झील के किनारे एक सर्वधर्म प्रार्थना स्थान भी बना है जहाँ कोई भी अपने ईश्वर में ध्यान लगा सकता है और उनकी भक्ति कर सकता है| अगर आप यहाँ पर आना चाहते हैं तो आपको पूरा एक दिन इस झील को अच्छे से घूमने के लिए तो चाहिए ही चाहिए|

गुरुडोंगमार पहुंचने का मार्ग

Friends, अगर आप यहां सड़क मार्ग से पहुंचना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सबसे पहले पहुंच जाना है लाचेन में| आपको बता दें, सिक्किम की राजधानी गंगटोक से लाचेन तक की दूरी है करीब 42 KM की| आपको लगभग चार से पांच घंटे लगेंगे ये दूरी तय करने में| इसके बाद लाचेन से आप जाएंगे गुरुडोंगमार झील जिसमें आपको तीन से चार घंटे तो आराम से लग जाएंगे| 

आप चाहें तो यहां आने के लिए निजी बस या कैब सेवा का भी use कर सकते हैं| अगर आप ट्रेन से यहां आने का प्लान बना रहे हैं तो आपके लिए गुरुडोंगमार जाने का सबसे नजदीकी station होगा New Jalpaiguri जो पश्चिम बंगाल में स्थित है| बात की जाए हवाई यात्रा करने की तो यहाँ का सबसे नजदीकी airport है बागडोगरा airport जो की सिलीगुड़ी के नजदीक है| इस झील के बेहतरीन नजारों को देखने के लिए आपके लिए april से july तक का समय ठीक रहेगा|

3. युक्सोम

Yuksom

दोस्तों, अगर आप सिक्किम का tour बना रहे हैं तो युक्सोम घूमना न भूलें| सिक्किम के पश्चिमी क्षेत्र में मौजूद ये जगह अपनी खूबसूरत वादियों के लिए विश्व प्रसिद्ध है| अगर आपको प्रकृति से प्रेम है और आप हरे भरे पेड़ पौधों तथा पहाड़ों का आनंद लेना चाहते हैं तो yuksom में जरूर घूमने आएं| 

यहां पर आपको प्राचीन मठ, ऐतिहासिक स्मारक और शांत झीलें तथा झरनों के कल कल बहते पानी का मधुर संगीत सुनने को मिलेगा| शायद ही आप में से किसी को ये बात मालूम हो की युक्सोम में ही इस राज्य का पहला डबडी मठ की स्थापना की गई थी| जिन लोगों को adventure और रोमांच पसंद है वो यहां ढेर सारी रोमांचक activities कर सकते हैं| यहां पर जो घूमने लायक जगहें हैं वो हैं – :

ताशीदिंग मठ

खेचोपलरी झील

कटोक मठ

कंचनजंगा नेशनल पार्क

डबडी मठ

ताशी तेनका

कब आएं युक्सोम?

दोस्तों, युक्सोम घूमने आने का सबसे best समय है मार्च से जून तक का महीना|

4. गंगटोक

Gangtok

मित्रों, अगर आप सिक्किम घूमने की सोच रहे हैं और ये तय नहीं कर पा रहे हैं कि यहां पर कहां घूमें तो उसका जवाब है हमारे पास| आप सिक्किम आएं तो गंगटोक घूमना न भूलें| गंगटोक सिर्फ सिक्किम की राजधानी के लिए ही नहीं जाना जाता है| बल्कि ये शहर तो अपनी घुमावदार सड़कों, ऊंची ऊंची पहाड़ियों और बहुत सारे पर्यटन स्थलों के लिए भी जाना जाता है| यहां आकर आपकी सारी tension अपने आप ही दूर हो जाएगी और आपका दिल और दिमाग तरोताज़ा हो जाएगा| यहाँ जो आपको घूमने लायक स्थान देखने को मिलेंगे वो हैं – :

MG Road (Mahatma Gandhi Road)

ताशी view पॉइंट

रेशी हॉट स्प्रिंग्स

नाथुला पास

गणेश टोक

हनुमान टोक

हिमालयन ज़ुओलॉजिकल पार्क

त्सुक ल खंग मोनेस्ट्री

बाबा हरभजन सिंह मंदिर

नामग्याल institute ऑफ tibetology तिब्बती museum

Seven Sisters Waterfall

गंगटोक आने के best months

दोस्तों, वैसे तो ये जगह इतनी खूबसूरत है कि यहां आप कभी भी घूमने आ सकते हैं| लेकिन जिस समय यहां की खूबसूरती में चार चाँद लगते हैं वो है October से December या फिर March से June तक का समय| इस समय गंगटोक का मौसम बहुत ही सुहावना हो जाता है|

5. त्सोमो झील

Tyosomo Jheel

Friends, त्सोमो झील भी सिक्किम के खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक है| त्सोमो झील को भारत की सबसे ऊंची झीलों में से एक माना जाता है| समुद्र तल से इस झील की ऊंचाई है 12400 फ़ीट| ये झील नाथुला राजमार्ग पर स्तिथ है| त्सोमो झील चुंग झील के नाम से भी प्रचलित है| कुछ लोग इसे चांगो झील भी कहते हैं|

त्सोमो झील चारों तरफ से बर्फ से ढंकी होती है और इसके चारों ओर अल्पाइन के जंगल मौजूद हैं| इस झील से चीन की सीमा केवल पांच किलोमीटर ही है| एक ख़ास बात जो बहुत कम लोग जानते हैं की इस झील को समर्पित एक डाक ticket भी भारतीय डाक विभाग ने वर्ष 2016 में जारी किया था| सर्दियों में ये झील अक्सर जम जाती है| 

यहां आपको याक पर सवारी करने में बड़ा मजा आने वाला है| ये झील गंगटोक से करीब 40 कि मि आगे है| यहां जाने के लिए आपको गंगटोक tourism कार्यालय से एक परमिट लेना पड़ता है तभी आप इस झील तक पहुंच सकते हैं| ये झील भी सिक्क्म के लोगों के अनुसार सबसे पवित्र है| ऐसा माना जाता है की बौद्ध भिक्षु भविष्य का सही ढंग से पता लगाने हेतु इस झील में मौजूद पानी के रंग का विश्लेषण करते थे|

त्सोमो झील घूमने का उचित समय

दोस्तों, यहाँ पर आपको अगर प्रकृति के खूबसूरत नज़ारे देखने हैं तो आप यहाँ april से may के बीच के समय में आ सकते हैं| इस समय यहां का अधिकतम तापमान होता है 18 degree और न्यूनतम तापमान रहता है -1 डिग्री सेल्सियस| इसी मौसम में आपको यहां रेडोडेंड्रोन तथा ऑर्किड के फूल भी देखने को मिलेंगे|

6. नाथू ला पास

Nathu La Pass

दोस्तों, ये सिक्किम का एक बेहद रमणीय पर्यटन स्थल है| इसकी ऊंचाई है करीब 14140 फ़ीट| अगर चीन और भारत की सीमा को जोड़ना हो तो इसी स्थान का प्रयोग किया जाता है| यहां पर सिल्क रूट नामक एक हिस्सा है जो की 1962 में बंद कर दिया गया था|

चीन और भारत के बीच व्यापार का जरिया है नथुला पास| नाथुला पास तिब्बत के चुम्बी घाटी को सिक्किम से जोड़ने का काम करता है| बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं की नाथुला पास में जो ला शब्द है वो तिब्बती भाषा से लिया गया है| जिसका अर्थ है दर्रा|

सिक्किम की राजधानी गंगटोक से नाथू ला पास की दूरी करीब 54 किलोमीटर है| यहां जाने के लिए आपका भारतीय नागरिक होना जरूरी है| नाथू ला पास जाने के लिए आपको गंगटोक से ही एक परमिट पास लेना होता है| ये पास मिलने के बाद ही आप नाथू ला पास जा सकते हैं| इसे दुनिया की सबसे ऊंची सड़कों में से एक माना जाता है|

नाथू ला पास जाने का best time

दोस्तों, नाथू ला पास जाने का वैसे तो हर समय सही है क्यूंकि यहाँ का सौंदर्य ऐसे ही हर मौसम में बना रहता है| लेकिन अगर आपको बर्फबारी का लुत्फ़ उठाना है तो बेहतर यही होगा की आप यहाँ गर्मियों की बजाए सर्दियों के मौसम में घूमने जाएं| 

Note :

एक बात का ध्यान रखें, सर्दियों में यहां का तापमान -25 डिग्री तक पहुंच जाता है| इसलिए आप मोटे ऊनी कपड़ों को पहन कर ही नाथू ला पास जाएं| अगर आप गर्मियों में नाथू ला पास घूमना चाहते हैं तो यहाँ आप मई से नवंबर तक के बीच यहाँ आ सकते हैं|

7. युमथांग Valley

Yumthang Valley

दोस्तों, आप सिक्किम आए और आपने युमथांग valley नहीं देखी तो फिर क्या देखा| सिक्किम की राजधानी गंगटोक से लगभग 140 किलोमीटर उत्तर में स्थित ये वैली अपनी सुंदरता की एक अनोखी छटा बिखेरती है| यही कारण है कि सिक्किम को top honeymoon places में शामिल किया जाता है| ये लगभग 3564 मीटर की ऊंचाई पर बनी है| अगर यहाँ आना चाहते हैं तो आप फरवरी के एन्ड से लेकर जून तक के बीच जाएं|

निष्कर्ष (Conclusion)

Friends, आज हमने आपको सिक्किम की सैर करवाई| हमने आपको सिक्किम की वेशभूषा से रूबरू करवाया| इसके अलावा हमने आपको ये भी बताया कि सिक्किम का इतिहास क्या है? Sikkim Tourist Places की भी हमने आपको जानकारी दे दी है| 

हमने अपने इस article में सिक्किम के भूगोल पर भी चर्चा की| सिक्किम का राजकीय फूल कौन सा है, राजकीय पशु कौन सा है etc की जानकारी आपको हमारे इस article में मिल गई होगी| आप ने आज What Is Sikkim Famous For के बारे में भी जान लिया| 

हमने आपको ये भी बता दिया कि सिक्किम की भाषा क्या है? क्यूंकी Sikkim Ki Bhasha के बारे में बहुत से लोग internet पर सर्च करते रहते हैं| Sikkim Tourist Places के बारे में जितनी जानकारी आपको हमारी post में मिलेगी उतनी शायद ही किसी और website पर मिले| अगर आपको ये post पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर share करें| आपसे फिर मिलेंगे एक और tourist place की जानकारी के साथ|

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